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ramayan 6.68.21: महात्मा विभीषण के कहे हुए जो अच्छे वचन मैंने अज्ञानता के कारण ग्रहण नहीं किए थे, वे आज मुझ पर साक्षात् घटित हो रहे हैं॥ 21॥   |   ramayan सर्ग 6.68: कुम्भकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण का विलाप   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 68: कुम्भकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण का विलाप  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.68.21 
तदिदं मामनुप्राप्तं विभीषणवच: शुभम्।
यदज्ञानान्मया तस्य न गृहीतं महात्मन:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
महात्मा विभीषण के कहे हुए जो अच्छे वचन मैंने अज्ञानता के कारण ग्रहण नहीं किए थे, वे आज मुझ पर साक्षात् घटित हो रहे हैं॥ 21॥
 
The good words spoken by Mahatma Vibhishan, which I had not accepted due to ignorance, are happening to me today in reality.॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)