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ramayan 6.68.20: मैंने पहले देवताओं को कष्ट पहुँचाया था। अब वे मुझ पर हँसेंगे। हे कुम्भकर्ण! अब जब तुम मारे गए हो, तो मैं इन्द्र को कैसे हरा सकूँगा?॥ 20॥   |   ramayan सर्ग 6.68: कुम्भकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण का विलाप   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 68: कुम्भकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण का विलाप  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  6.68.20 
देवा हि मां हसिष्यन्ति दृष्ट्वा पूर्वापकारिणम्।
कथमिन्द्रं जयिष्यामि कुम्भकर्ण हते त्वयि॥ २०॥
 
 
अनुवाद
मैंने पहले देवताओं को कष्ट पहुँचाया था। अब वे मुझ पर हँसेंगे। हे कुम्भकर्ण! अब जब तुम मारे गए हो, तो मैं इन्द्र को कैसे हरा सकूँगा?॥ 20॥
 
I had earlier harmed the gods. Now they will laugh at me. Oh Kumbhakarna! Now that you have been killed, how will I be able to defeat Indra?॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)