Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 6.68.14: ‘भैया! वज्र का प्रहार भी तुम्हें कभी हानि नहीं पहुँचा सकता था। आज तुम राम के बाणों से पीड़ित होकर भूमि पर कैसे सो रहे हो?॥14॥ | ramayan सर्ग 6.68: कुम्भकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण का विलाप । ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यस्य ते वज्रनिष्पेषो न कुर्याद् व्यसनं सदा।
स कथं रामबाणार्त: प्रसुप्तोऽसि महीतले॥ १४॥
अनुवाद
‘भैया! वज्र का प्रहार भी तुम्हें कभी हानि नहीं पहुँचा सकता था। आज तुम राम के बाणों से पीड़ित होकर भूमि पर कैसे सो रहे हो?॥14॥
‘Brother! Even the strike of a thunderbolt could never have hurt you. Today you are suffering from the arrows of Ram, how are you sleeping on the ground?॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥