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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  6.67.96 
सम्प्रस्रवंस्तदा मेद: शोणितं च महाबल:।
वध्यमानो नगेन्द्राग्रैर्भक्षयामास वानरान्॥ ९६॥
 
 
अनुवाद
उस समय वह महाबली राक्षस पर्वत शिखरों से आक्रमण कर रहा था, फिर भी वह सभी वानरों को खा रहा था, तथा अपने मुख से उनकी चर्बी और रक्त थूक रहा था।
 
At that time that mighty demon was being attacked by the mountain peaks and yet was devouring all of the monkeys, spitting out their fat and blood from his mouth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)