Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.67.76: 'या सुग्रीव स्वयं ही उनके चंगुल से मुक्त हो जाएगा। यदि कोई देवता, दानव या सर्प उसे पकड़ भी ले, तो भी वह अपने प्रयत्नों से उनकी कैद से मुक्त हो जाएगा।   |   ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 76
 
 
श्लोक  6.67.76 
अथवा स्वयमप्येष मोक्षं प्राप्स्यति वानर:।
गृहीतोऽयं यदि भवेत् त्रिदशै: सासुरोरगै:॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
'या सुग्रीव स्वयं ही उनके चंगुल से मुक्त हो जाएगा। यदि कोई देवता, दानव या सर्प उसे पकड़ भी ले, तो भी वह अपने प्रयत्नों से उनकी कैद से मुक्त हो जाएगा।
 
‘Or Sugreeva will himself be freed from their grip. Even if a god, demon or serpent captures him, he will be freed from their captivity by his own efforts.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)