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ramayan 6.67.69: कुंभकर्ण का रूप मेरु पर्वत जैसा लग रहा था। जब उसने विशाल बादल जैसे दिखने वाले सुग्रीव को उठाया और युद्धभूमि से बाहर निकला, तो वह अपनी भयानक ऊँची चोटियों के साथ मेरु पर्वत जैसा लग रहा था।   |   ramayan सर्ग 6.67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  6.67.69 
स तं महामेघनिकाशरूप-
मुत्पाटॺ गच्छन् युधि कुम्भकर्ण:।
रराज मेरुप्रतिमानरूपो
मेरुर्यथा व्युच्छ्रितघोरशृङ्ग:॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
कुंभकर्ण का रूप मेरु पर्वत जैसा लग रहा था। जब उसने विशाल बादल जैसे दिखने वाले सुग्रीव को उठाया और युद्धभूमि से बाहर निकला, तो वह अपनी भयानक ऊँची चोटियों के साथ मेरु पर्वत जैसा लग रहा था।
 
Kumbhakarna's form looked like Mount Meru. When he picked up Sugreeva who looked like a huge cloud and left the battlefield, he looked like Mount Meru with its terrifyingly high peaks.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)