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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 162
 
 
श्लोक  6.67.162 
तौ तस्य पादौ प्रदिशो दिशश्च
गिरेर्गुहाश्चैव महार्णवं च।
लङ्कां च सेनां कपिराक्षसानां
विनादयन्तौ विनिपेततुश्च॥ १६२॥
 
 
अनुवाद
उनके दोनों पैर पृथ्वी पर पड़े, जिससे समस्त दिशाएँ, पर्वत-गुफाएँ, समुद्र, लंकापुरी तथा वानरों और राक्षसों की सेनाएँ गूँज उठीं।।162।।
 
His two feet fell on the earth, echoing from all the directions, mountain caves, ocean, Lankapuri and the armies of monkeys and demons. 162.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)