श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 67: कम्भकर्ण का भयंकर युद्ध और श्रीराम के हाथ से उसका वध  »  श्लोक 156
 
 
श्लोक  6.67.156 
स तस्य बाहुर्गिरिशृङ्गकल्प:
समुद‍्गरो राघवबाणकृत्त:।
पपात तस्मिन् हरिराजसैन्ये
जघान तां वानरवाहिनीं च॥ १५६॥
 
 
अनुवाद
श्री रघुनाथजी के बाण से कटी हुई, पर्वत शिखर के समान दिखने वाली भुजा गदा सहित वानर सेना पर गिर पड़ी। बहुत से वानर सैनिक उसके नीचे कुचलकर प्राण त्याग गए॥156॥
 
The arm cut off by Shri Raghunath's arrow, which looked like a mountain peak, fell on the monkey army along with the mace. Many monkey soldiers lost their lives by being crushed under it.॥ 156॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas