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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 66: कुम्भकर्ण के भय से भागे हुए वानरों का अङ्गद द्वारा प्रोत्साहन और आवाहन, कुम्भकर्ण द्वारा वानरों का संहार  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.66.7 
महतीमुत्थितामेनां राक्षसानां विभीषिकाम्।
विक्रमाद् विधमिष्यामो निवर्तध्वं प्लवङ्गमा:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हम अपने पराक्रम से हमारे सामने उत्पन्न हुए इस विशाल राक्षस-संकट को नष्ट कर देंगे। अतः हे वीर वानरों! लौट आओ।'
 
We will destroy this huge menace of demons that has arisen in front of us with our might. So, O brave monkeys! Come back.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)