श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 66: कुम्भकर्ण के भय से भागे हुए वानरों का अङ्गद द्वारा प्रोत्साहन और आवाहन, कुम्भकर्ण द्वारा वानरों का संहार  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.66.4 
तांस्तु विप्रद्रुतान् दृष्ट्वा राजपुत्रोऽङ्गदोऽब्रवीत्।
नलं नीलं गवाक्षं च कुमुदं च महाबलम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
उन सबको भागते देख राजकुमार अंगद ने नल, नील, गवाक्ष और महाबली कुमुद को संबोधित करके कहा:॥4॥
 
Seeing them all fleeing, Prince Angada addressed Nala, Neel, Gavaksh and the mighty Kumud and said:॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)