श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 66: कुम्भकर्ण के भय से भागे हुए वानरों का अङ्गद द्वारा प्रोत्साहन और आवाहन, कुम्भकर्ण द्वारा वानरों का संहार  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  6.66.30 
एतावदुक्त्वा वचनं सर्वे ते भेजिरे दिश:।
भीमं भीमाक्षमायान्तं दृष्ट्वा वानरयूथपा:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
ऐसा कहकर भयानक नेत्रों वाले कुम्भकर्ण को आते देख सभी वानर सेनापति विभिन्न दिशाओं में शरण लेने लगे।
 
Having said this, seeing the terrible-eyed Kumbhakarna approaching, all the monkey leaders took refuge in various directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)