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ramayan 6.66.25: वानरों! यदि हम युद्ध में शत्रु को मार डालें, तो हमें महान यश मिलेगा और यदि हम स्वयं मारे जाएँ, तो वीर लोक का वैभव भोगेंगे॥25॥   |   ramayan सर्ग 6.66: कुम्भकर्ण के भय से भागे हुए वानरों का अङ्गद द्वारा प्रोत्साहन और आवाहन, कुम्भकर्ण द्वारा वानरों का संहार   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.66.25 
अवाप्नुयाम: कीर्तिं वा निहत्वा शत्रुमाहवे।
निहता वीरलोकस्य भोक्ष्यामो वसु वानरा:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वानरों! यदि हम युद्ध में शत्रु को मार डालें, तो हमें महान यश मिलेगा और यदि हम स्वयं मारे जाएँ, तो वीर लोक का वैभव भोगेंगे॥25॥
 
Monkeys! If we kill the enemy in the war, we will get great fame and if we ourselves are killed, we will enjoy the glory of the heroic world. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)