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श्लोक  6.65.46 
एवं तस्य ब्रुवाणस्य कुम्भकर्णस्य राक्षसा:।
नादं चक्रुर्महाघोरं कम्पयन्त इवार्णवम्॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
जब कुंभकर्ण ने ऐसा कहा, तब राक्षसगण भयंकर गर्जना करने लगे, मानो समुद्र को हिला रहे हों।
 
When Kumbhakarna said this, the demons roared terribly, as if shaking the ocean. 46.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)