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श्लोक  6.65.3 
गर्जन्ति न वृथा शूरा निर्जला इव तोयदा:।
पश्य सम्पद्यमानं तु गर्जितं युधि कर्मणा॥ ३॥
 
 
अनुवाद
‘वीर पुरुष जलहीन मेघ के समान व्यर्थ गर्जना नहीं करता। अब तुम देखो, मैं अपने पराक्रम से ही रणभूमि में गर्जना करूँगा।॥3॥
 
‘A brave man does not roar uselessly like a waterless cloud. Now you see, I will roar on the battlefield only by my valour.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)