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ramayan 6.64.22: ‘तुम नगर में घोषणा कर दो कि महोदर, द्विजिव्हा, सम्ह्रादि, कुम्भकर्ण और वितर्दन नामक पाँच राक्षस राम को मारने जा रहे हैं।॥ 22॥   |   ramayan सर्ग 6.64: महोदर का कुम्भकर्ण के प्रति आक्षेप करके रावण को बिना युद्ध के ही अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति का उपाय बताना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.64.22 
अहं द्विजिह्व: संह्रादी कुम्भकर्णो वितर्दन:।
पञ्च रामवधायैते निर्यान्तीत्यवघोषय॥ २२॥
 
 
अनुवाद
‘तुम नगर में घोषणा कर दो कि महोदर, द्विजिव्हा, सम्ह्रादि, कुम्भकर्ण और वितर्दन नामक पाँच राक्षस राम को मारने जा रहे हैं।॥ 22॥
 
‘You should announce in the city that five demons, namely Mahodar, Dwijihva, Samhradi, Kumbhakarna and Vitardan are going to kill Rama.॥ 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)