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श्लोक  6.64.21 
दृष्ट: कश्चिदुपायो मे सीतोपस्थानकारक:।
रुचितश्चेत् स्वया बुद्धॺा राक्षसेन्द्र तत: शृणु॥ २१॥
 
 
अनुवाद
राक्षसराज! मैंने एक उपाय सोचा है जिससे सीता सदैव आपकी सेवा में तत्पर रहेंगी। कृपया उसे सुनें। सुनने के बाद मन ही मन उस पर विचार करें और यदि वह उचित लगे तो उसका प्रयोग करें।
 
‘King of demons! I have thought of a solution which will ensure that Sita is always available for your service. Please listen to it. After listening, think over it with your mind and if it seems right, then use it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)