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ramayan 6.64.18: हे दैत्यों के शिरोमणि! जो मनुष्यों में इन्द्र और सूर्य के समान तेजस्वी हैं, उन श्री रामजी के साथ युद्ध करने का साहस तुम कैसे कर पाते हो?॥18॥   |   ramayan सर्ग 6.64: महोदर का कुम्भकर्ण के प्रति आक्षेप करके रावण को बिना युद्ध के ही अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति का उपाय बताना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.64.18 
यस्य नास्ति मनुष्येषु सदृशो राक्षसोत्तम।
कथमाशंससे योद्धुं तुल्येनेन्द्रविवस्वतो:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
हे दैत्यों के शिरोमणि! जो मनुष्यों में इन्द्र और सूर्य के समान तेजस्वी हैं, उन श्री रामजी के साथ युद्ध करने का साहस तुम कैसे कर पाते हो?॥18॥
 
O head of demons! How do you muster the courage to fight with Shri Ram, who is as radiant as Indra and the Sun, among men?'॥18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)