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ramayan 6.64.13: वे अत्यन्त बलवान राक्षस, जिन्हें श्री राम ने पहले जनस्थान में मारा था, आज भी इस लंकापुरी में विद्यमान हैं और उनका भय अब तक दूर नहीं हुआ है। क्या तुम उन राक्षसों को नहीं देखते?॥13॥   |   ramayan सर्ग 6.64: महोदर का कुम्भकर्ण के प्रति आक्षेप करके रावण को बिना युद्ध के ही अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति का उपाय बताना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.64.13 
ये पूर्वं निर्जितास्तेन जनस्थाने महौजस:।
राक्षसांस्तान् पुरे सर्वान् भीतानद्य न पश्यसि॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वे अत्यन्त बलवान राक्षस, जिन्हें श्री राम ने पहले जनस्थान में मारा था, आज भी इस लंकापुरी में विद्यमान हैं और उनका भय अब तक दूर नहीं हुआ है। क्या तुम उन राक्षसों को नहीं देखते?॥13॥
 
The very powerful demons whom Shri Ram had earlier killed in Janasthan are still present in this Lankapuri and their fear has not been dispelled till now. Don't you see those demons?॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)