श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 63: कुम्भकर्ण का रावण को उसके कुकृत्यों के लिये उपालम्भ देना और उसे धैर्य बँधाते हुए युद्धविषयक उत्साह प्रकट करना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.63.39 
अद्य पर्वतसंकाशं ससूर्यमिव तोयदम्।
विकीर्णं पश्य समरे सुग्रीवं प्लवगेश्वरम्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
आज तुम पर्वत के समान विशाल वानरराज सुग्रीव को युद्धभूमि में रक्त से लथपथ पड़े हुए देखोगे। वह सूर्य के साथ मेघ के समान दिखाई देंगे।
 
‘Today you will see the huge monkey king Sugreeva, who is as huge as a mountain, lying in the battlefield soaked in blood. He will be visible like a cloud along with the sun.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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