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ramayan 6.62.20: 'महाबाहो! आपको अपने इस भाई के लिए एक बहुत ही कठिन कार्य करना होगा। परंतप! मैंने पहले कभी किसी भाई से ऐसी प्रार्थना नहीं की।'   |   ramayan सर्ग 6.62: कुम्भकर्ण का रावण के भवन में प्रवेश तथा रावण का राम से भय बताकर उसे शत्रुसेना के विनाश के लिये प्रेरित करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.62.20 
भ्रातुरर्थे महाबाहो कुरु कर्म सुदुष्करम्।
मयैवं नोक्तपूर्वो हि भ्राता कश्चित् परंतप॥ २०॥
 
 
अनुवाद
'महाबाहो! आपको अपने इस भाई के लिए एक बहुत ही कठिन कार्य करना होगा। परंतप! मैंने पहले कभी किसी भाई से ऐसी प्रार्थना नहीं की।'
 
‘Mahabaho! You must perform a very difficult feat for this brother of yours. Parantapa! Never before have I made such a request to any brother.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)