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ramayan 6.62.16-17: हमारे प्रमुख वीर राक्षस युद्ध में वानरों द्वारा मारे गए; परन्तु मैं युद्धभूमि में वानरों को मरते नहीं देखता। इससे पहले किसी भी वानरों ने युद्ध नहीं जीता।   |   ramayan सर्ग 6.62: कुम्भकर्ण का रावण के भवन में प्रवेश तथा रावण का राम से भय बताकर उसे शत्रुसेना के विनाश के लिये प्रेरित करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 62: कुम्भकर्ण का रावण के भवन में प्रवेश तथा रावण का राम से भय बताकर उसे शत्रुसेना के विनाश के लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 16-17
 
 
श्लोक  6.62.16-17 
ये राक्षसा मुख्यतमा हतास्ते वानरैर्युधि॥ १६॥
वानराणां क्षयं युद्धे न पश्यामि कथंचन।
न चापि वानरा युद्धे जितपूर्वा: कदाचन॥ १७॥
 
 
अनुवाद
हमारे प्रमुख वीर राक्षस युद्ध में वानरों द्वारा मारे गए; परन्तु मैं युद्धभूमि में वानरों को मरते नहीं देखता। इससे पहले किसी भी वानरों ने युद्ध नहीं जीता।
 
Our chief brave demons were killed by the monkeys in the war; but I do not see the monkeys being killed on the battlefield. No monkey has ever won a war before.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)