Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.62.11-12h: 'राजन्! आपने मुझे इतने आदर से क्यों जगाया है? बताइए, यहाँ आपको किसका भय है? अथवा परलोक में कौन यात्री होने वाला है?'॥11 1/2॥   |   ramayan सर्ग 6.62: कुम्भकर्ण का रावण के भवन में प्रवेश तथा रावण का राम से भय बताकर उसे शत्रुसेना के विनाश के लिये प्रेरित करना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 62: कुम्भकर्ण का रावण के भवन में प्रवेश तथा रावण का राम से भय बताकर उसे शत्रुसेना के विनाश के लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  6.62.11-12h 
किमर्थमहमादृत्य त्वया राजन् प्रबोधित:॥ ११॥
शंस कस्माद् भयं तेऽत्र को वा प्रेतो भविष्यति।
 
 
अनुवाद
'राजन्! आपने मुझे इतने आदर से क्यों जगाया है? बताइए, यहाँ आपको किसका भय है? अथवा परलोक में कौन यात्री होने वाला है?'॥11 1/2॥
 
‘King! Why have you woken me up with such respect? Tell me, who have you feared here? Or who is going to be a traveller to the other world?’॥ 11 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)