Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.61.4: अपनी सेना को भागते हुए और राक्षस कुम्भकर्ण को आगे बढ़ते हुए देखकर भगवान राम को बड़ा आश्चर्य हुआ और उन्होंने विभीषण से पूछा-॥4॥   |   ramayan सर्ग 6.61: विभीषण का श्रीराम को कुम्भकर्ण का परिचय देना, श्रीराम की आज्ञा से वानरों का लङ्का के द्वारों पर डट जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 61: विभीषण का श्रीराम को कुम्भकर्ण का परिचय देना, श्रीराम की आज्ञा से वानरों का लङ्का के द्वारों पर डट जाना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.61.4 
विद्रुतां वाहिनीं दृष्ट्वा वर्धमानं च राक्षसम्।
सविस्मितमिदं रामो विभीषणमुवाच ह॥ ४॥
 
 
अनुवाद
अपनी सेना को भागते हुए और राक्षस कुम्भकर्ण को आगे बढ़ते हुए देखकर भगवान राम को बड़ा आश्चर्य हुआ और उन्होंने विभीषण से पूछा-॥4॥
 
Seeing his army fleeing and the demon Kumbhakarna advancing, Lord Rama was very surprised and he asked Vibhishana -॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)