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ramayan 6.61.30: महाराज! इस समय आपके पराक्रम से भयभीत होकर और संकटग्रस्त होकर राजा रावण ने कुम्भकर्ण को जगाया है।   |   ramayan सर्ग 6.61: विभीषण का श्रीराम को कुम्भकर्ण का परिचय देना, श्रीराम की आज्ञा से वानरों का लङ्का के द्वारों पर डट जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.61.30 
सोऽसौ व्यसनमापन्न: कुम्भकर्णमबोधयत्।
त्वत्पराक्रमभीतश्च राजा सम्प्रति रावण:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
महाराज! इस समय आपके पराक्रम से भयभीत होकर और संकटग्रस्त होकर राजा रावण ने कुम्भकर्ण को जगाया है।
 
‘Maharaj! At this time, being in trouble and fearful of your valour, King Ravana has awakened Kumbhakarna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)