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श्लोक  6.61.24 
ध्रुवं लोकविनाशाय पौलस्त्येनासि निर्मित:।
तस्मात् त्वमद्यप्रभृति मृतकल्प: शयिष्यसे॥ २४॥
 
 
अनुवाद
कुम्भकर्ण! तुम निश्चय ही इस संसार का नाश करने के लिए उत्पन्न हुए हो; इसलिए मैं तुम्हें शाप देता हूँ कि आज से तुम मृत व्यक्ति की भाँति सो जाओगे।
 
Kumbhakarna! You have surely been born to destroy this world; therefore I curse you, from today onwards you will sleep like a dead person.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)