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ramayan 6.61.18: कुम्भकर्ण के प्रहार से इन्द्र व्याकुल हो गए और उनका हृदय जलने लगा। यह देखकर सभी देवता, ब्रह्मऋषि और राक्षस सहसा दुःखी हो गए। 18॥   |   ramayan सर्ग 6.61: विभीषण का श्रीराम को कुम्भकर्ण का परिचय देना, श्रीराम की आज्ञा से वानरों का लङ्का के द्वारों पर डट जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.61.18 
कुम्भकर्णप्रहारार्तो विजज्वाल स वासव:।
ततो विषेदु: सहसा देवा ब्रह्मर्षिदानवा:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
कुम्भकर्ण के प्रहार से इन्द्र व्याकुल हो गए और उनका हृदय जलने लगा। यह देखकर सभी देवता, ब्रह्मऋषि और राक्षस सहसा दुःखी हो गए। 18॥
 
Indra became distraught due to Kumbhakarna's attack and his heart started burning. Seeing this, all the gods, Brahmarishis and demons suddenly became sad. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)