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ramayan 6.61.10: रघुनन्दन! उन्होंने देवताओं, दानवों, यक्षों, नागों, राक्षसों, गंधर्वों, विद्याधरों और किन्नरों को हजारों बार युद्ध में मारा है। 10॥   |   ramayan सर्ग 6.61: विभीषण का श्रीराम को कुम्भकर्ण का परिचय देना, श्रीराम की आज्ञा से वानरों का लङ्का के द्वारों पर डट जाना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.61.10 
एतेन देवा युधि दानवाश्च
यक्षा भुजंगा: पिशिताशनाश्च।
गन्धर्वविद्याधरकिंनराश्च
सहस्रशो राघव सम्प्रभग्ना:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
रघुनन्दन! उन्होंने देवताओं, दानवों, यक्षों, नागों, राक्षसों, गंधर्वों, विद्याधरों और किन्नरों को हजारों बार युद्ध में मारा है। 10॥
 
Ragunandan! He has killed Gods, Demons, Yakshas, ​​Nagas, Rakshasas, Gandharvas, Vidyadhars and Kinnaras thousands of times in battle. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)