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ramayan 6.60.92: तदनन्तर रावण की आज्ञा से वे सब राक्षस तुरन्त ही मदिरा और नाना प्रकार के खाद्यपदार्थ ले आए ॥92॥   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  6.60.92 
ततस्ते त्वरितास्तत्र राक्षसा रावणाज्ञया।
मद्यं भक्ष्यांश्च विविधान् क्षिप्रमेवोपहारयन्॥ ९२॥
 
 
अनुवाद
तदनन्तर रावण की आज्ञा से वे सब राक्षस तुरन्त ही मदिरा और नाना प्रकार के खाद्यपदार्थ ले आए ॥92॥
 
Then, on the orders of Ravana, all those demons immediately brought wine and various types of food items. 92॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)