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ramayan 6.60.90: अपने भाई से यह आदेश पाकर महाबली एवं अजेय योद्धा कुंभकर्ण 'बहुत अच्छा' कहते हुए अपने बिस्तर से उठ खड़ा हुआ।   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.60.90 
कुम्भकर्णस्तु दुर्धर्षो भ्रातुराज्ञाय शासनम्।
तथेत्युक्त्वा महावीर्य: शयनादुत्पपात ह॥ ९०॥
 
 
अनुवाद
अपने भाई से यह आदेश पाकर महाबली एवं अजेय योद्धा कुंभकर्ण 'बहुत अच्छा' कहते हुए अपने बिस्तर से उठ खड़ा हुआ।
 
On receiving this order from his brother, the mighty and invincible warrior Kumbhakarna stood up from his bed saying, 'Very good.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)