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ramayan 6.60.75: 'पहले एक बंदर ने यहां आकर इस महान नगर को जला दिया था और राजकुमार अक्ष को उसके हाथियों और साथियों सहित मार डाला था।   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  6.60.75 
एकेन वानरेणेयं पूर्वं दग्धा महापुरी।
कुमारो निहतश्चाक्ष: सानुयात्र: सकुञ्जर:॥ ७५॥
 
 
अनुवाद
'पहले एक बंदर ने यहां आकर इस महान नगर को जला दिया था और राजकुमार अक्ष को उसके हाथियों और साथियों सहित मार डाला था।
 
‘Earlier, a single monkey had come here and burnt down this great city and had killed Prince Aksha along with his elephants and companions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)