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ramayan 6.60.73: हे राजन! इस समय हम मनुष्य से इतना भयभीत हो गए हैं, जितना पहले कभी राक्षसों या शैतानों से नहीं डरे थे। 73   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.60.73 
न दैत्यदानवेभ्यो वा भयमस्ति न न: क्वचित्।
यादृशं मानुषं राजन् भयमस्मानुपस्थितम्॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! इस समय हम मनुष्य से इतना भयभीत हो गए हैं, जितना पहले कभी राक्षसों या शैतानों से नहीं डरे थे। 73
 
O King! At this time, we have become so afraid of a human being that we have never been afraid of demons or devils before. 73
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)