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ramayan 6.60.63: वह बहुत भूखा था, इसलिए उसने जी भरकर मांस खाया और प्यास बुझाने के लिए खून पिया। इसके बाद इंद्र-द्वेषी रात्रिचर ने चर्बी से भरे कई घड़े खाली कर दिए और उसने भी कई घड़े मदिरा पी ली।   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.60.63 
आदद् बुभुक्षितो मांसं शोणितं तृषितोऽपिबत्।
मेद:कुम्भांश्च मद्यांश्च पपौ शक्ररिपुस्तदा॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
वह बहुत भूखा था, इसलिए उसने जी भरकर मांस खाया और प्यास बुझाने के लिए खून पिया। इसके बाद इंद्र-द्वेषी रात्रिचर ने चर्बी से भरे कई घड़े खाली कर दिए और उसने भी कई घड़े मदिरा पी ली।
 
He was very hungry, so he ate meat to his heart's content and drank blood to quench his thirst. After that the Indra-hating night creature emptied several pitchers full of fat and he also drank several pitchers of wine.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)