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ramayan 6.60.62: तत्पश्चात् राक्षसों ने कुंभकर्ण को वहाँ प्रचुर मात्रा में रखे हुए विविध प्रकार के खाने-पीने के पदार्थ दिखाए। उस महाबली राक्षस ने क्षण भर में ही अनेक भैंसों और सूअरों को खा लिया।   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  6.60.62 
ततस्त्वदर्शयन् सर्वान् भक्ष्यांश्च विविधान् बहून्।
वराहान् महिषांश्चैव बभक्ष स महाबल:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् राक्षसों ने कुंभकर्ण को वहाँ प्रचुर मात्रा में रखे हुए विविध प्रकार के खाने-पीने के पदार्थ दिखाए। उस महाबली राक्षस ने क्षण भर में ही अनेक भैंसों और सूअरों को खा लिया।
 
Thereafter the demons showed Kumbhakarna all the various kinds of eatables and drinks that were kept there in abundance. That mighty demon devoured many buffaloes and pigs in no time.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)