Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.60.53: अन्य बलवान राक्षस अपने हाथों में काँटेदार गदाएँ लेकर उसके सिर, वक्षस्थल तथा शरीर के अन्य अंगों पर मारने लगे॥53॥   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  6.60.53 
अन्ये च बलिनस्तस्य कूटमुद‍्गरपाणय:।
मूर्ध्नि वक्षसि गात्रेषु पातयन् कूटमुद‍्गरान्॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
अन्य बलवान राक्षस अपने हाथों में काँटेदार गदाएँ लेकर उसके सिर, वक्षस्थल तथा शरीर के अन्य अंगों पर मारने लगे॥53॥
 
Other strong demons took thorny clubs in their hands and started falling them on his head, chest and other body parts. 53॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)