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ramayan 6.60.33: इतना ही नहीं, देवताओं के उन गद्दारों ने कुंभकर्ण के सामने रक्त और विभिन्न प्रकार के मांस से भरे हुए अनेक घड़े भी रख दिए।   |   ramayan सर्ग 6.60: अपनी पराजय से दुःखी रावण की आज्ञा से सोये कुम्भकर्ण का जगाया जाना और उसे देखकर वानरों का भयभीत होना   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.60.33 
तत: शोणितकुम्भांश्च मांसानि विविधानि च।
पुरस्तात् कुम्भकर्णस्य चक्रुस्त्रिदशशत्रव:॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
इतना ही नहीं, देवताओं के उन गद्दारों ने कुंभकर्ण के सामने रक्त और विभिन्न प्रकार के मांस से भरे हुए अनेक घड़े भी रख दिए।
 
Not only this, those traitors to the gods also placed many pitchers filled with blood and various kinds of meat before Kumbhakarna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)