vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 6: युद्ध काण्ड
»
सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना
»
श्लोक 82
श्लोक
6.59.82
रावणोऽपि महातेजा: कपिलाघवविस्मित:।
अस्त्रमाहारयामास दीप्तमाग्नेयमद्भुतम्॥ ८२॥
अनुवाद
नील वानर की चपलता देखकर महाबली रावण भी आश्चर्यचकित हो गया और उसने अद्भुत एवं तेजस्वी अग्निअस्त्र हाथ में ले लिया। 82.
Seeing the agility of the monkey Neel, even the mighty Ravana was astonished and he took the wonderful and brilliant Agnia weapon in his hand. 82.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×