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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 6: युद्ध काण्ड
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सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना
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श्लोक 64-65h
श्लोक
6.59.64-65h
अथाश्वस्य महातेजा रावणो वाक्यमब्रवीत् ॥ ६४॥
साधु वानर वीर्येण श्लाघनीयोऽसि मे रिपु:।
अनुवाद
तत्पश्चात् महाबली रावण ने सावधान होकर कहा - 'शाबाश वानर! शाबाश! वीरता की दृष्टि से तुम मेरे प्रशंसनीय प्रतिद्वन्द्वी हो।' 64॥
After that the great Ravana said cautiously - 'Well done monkey! Well done, you are my admirable rival in terms of bravery. 64 ॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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