श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 62-63h
 
 
श्लोक  6.59.62-63h 
तत: स तेनाभिहतो वानरेण महात्मना॥ ६२॥
दशग्रीव: समाधूतो यथा भूमितलेऽचल:।
 
 
अनुवाद
उस महावानर के थप्पड़ खाने पर दस सिर वाला रावण उसी प्रकार काँप उठा, जैसे भूकम्प आने पर पर्वत काँप उठता है।
 
After being slapped by that great monkey, the ten-headed Ravana trembled in the same way as a mountain shakes when an earthquake occurs. 62 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)