श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  6.59.48 
तमब्रवीन्महातेजा राम: सत्यपराक्रम:।
गच्छ यत्नपरश्चापि भव लक्ष्मण संयुगे॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
उसके वचन सुनकर महाबली एवं धर्मात्मा श्री राम ने कहा, "ठीक है लक्ष्मण! जाओ। परन्तु युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए पूरी तरह समर्पित रहो।" ॥48॥
 
On hearing his words, the mighty and virtuous Shri Ram said, "Okay Lakshman! Go. But be fully dedicated to achieving victory in the battle." ॥ 48॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)