श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 59: प्रहस्त की मृत्यु से दुःखी रावण का युद्ध के लिये पधारना, लक्ष्मण का युद्ध में आना, श्रीराम से परास्त होकर रावण का लङ्का जाना  »  श्लोक 118-119h
 
 
श्लोक  6.59.118-119h 
हनूमानथ तेजस्वी लक्ष्मणं रावणार्दितम्॥ ११८॥
आनयद् राघवाभ्याशं बाहुभ्यां परिगृह्य तम्।
 
 
अनुवाद
इसके बाद तेजस्वी हनुमान्‌ने रावण-पीड़ित लक्ष्मण को दोनों हाथों से उठाकर श्री रघुनाथजी के पास ले आए॥118॥
 
After this, Tejasvi Hanuman picked up Ravana-stricken Lakshman with both his hands and brought him near Shri Raghunathji. 118 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)