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ramayan 6.58.7-8: विजय की इच्छा से दैत्य वानरों की ओर दौड़े। उनके हाथों में तलवारें, भाले, बरछे, त्रिशूल, बाण, मूसल, गदा, भाले, भाले, नाना प्रकार की कुल्हाड़ियाँ और नाना प्रकार के धनुष थे। 7-8   |   ramayan सर्ग 6.58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध  »  श्लोक 7-8
 
 
श्लोक  6.58.7-8 
खड्गशक्त्यृष्टिशूलाश्च बाणानि मुसलानि च।
गदाश्च परिघा: प्रासा विविधाश्च परश्वधा:॥ ७॥
धनूंषि च विचित्राणि राक्षसानां जयैषिणाम्।
प्रगृहीतान्यराजन्त वानरानभिधावताम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
विजय की इच्छा से दैत्य वानरों की ओर दौड़े। उनके हाथों में तलवारें, भाले, बरछे, त्रिशूल, बाण, मूसल, गदा, भाले, भाले, नाना प्रकार की कुल्हाड़ियाँ और नाना प्रकार के धनुष थे। 7-8
 
The demons, desirous of victory, rushed towards the monkeys. In their hands were swords, spears, lances, tridents, arrows, pestles, maces, spears, spears, various types of axes and various bows. 7-8
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)