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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  6.58.34 
तत: सृजन्तं बाणौघान् प्रहस्तं स्यन्दने स्थितम्।
ददर्श तरसा नीलो विधमन्तं प्लवंगमान्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् नील ने देखा कि प्रहस्त अपने रथ पर बैठे हुए बाणों की वर्षा करके बड़े वेग से वानरों को मार रहे हैं।
 
Thereafter Neel saw that Prahasta, seated on his chariot, was killing the monkeys with great force by showering showers of arrows. 34.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)