Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.58.23: पराक्रमी कुंभ हनुमान बचे रहे। उन्होंने तारा नामक एक वानर से युद्ध किया और अंततः एक विशाल वृक्ष के जाल में फँसकर युद्धभूमि में ही अपने प्राण त्याग दिए।   |   ramayan सर्ग 6.58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.58.23 
अथ कुम्भहनुस्तत्र तारेणासाद्य वीर्यवान्।
वृक्षेण महता सद्य: प्राणान् संत्याजयद् रणे॥ २३॥
 
 
अनुवाद
पराक्रमी कुंभ हनुमान बचे रहे। उन्होंने तारा नामक एक वानर से युद्ध किया और अंततः एक विशाल वृक्ष के जाल में फँसकर युद्धभूमि में ही अपने प्राण त्याग दिए।
 
The mighty Kumbha Hanuman remained. He fought with a monkey named Tara and finally lost his life on the battlefield after getting caught in the trap of a huge tree.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)