Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.58.21: तब दुर्मुख एक विशाल वृक्ष लेकर ऊपर उठा और अपने हाथों की तीव्र गति से समुन्नत राक्षस को कुचल दिया।   |   ramayan सर्ग 6.58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.58.21 
दुर्मुख: पुनरुत्थाय कपि: सविपुलद्रुमम्।
राक्षसं क्षिप्रहस्तं तु समुन्नतमपोथयत्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
तब दुर्मुख एक विशाल वृक्ष लेकर ऊपर उठा और अपने हाथों की तीव्र गति से समुन्नत राक्षस को कुचल दिया।
 
Then Durmukha rose up with a huge tree and with quick movements of his hands crushed the demon Samunnata.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)