Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 6.58.14: तलवारों से अनेक वानर टुकड़े-टुकड़े होकर भूमि पर गिर पड़े और पीड़ा से तड़पने लगे। अनेक वीर राक्षसों ने वानरों की पसलियाँ फाड़ डालीं।   |   ramayan सर्ग 6.58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  6.58.14 
केचिद् द्विधा कृता: खड्गै: स्फुरन्त: पतिता भुवि।
वानरा राक्षसै: शूरै: पार्श्वतश्च विदारिता:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
तलवारों से अनेक वानर टुकड़े-टुकड़े होकर भूमि पर गिर पड़े और पीड़ा से तड़पने लगे। अनेक वीर राक्षसों ने वानरों की पसलियाँ फाड़ डालीं।
 
Many monkeys were cut into pieces by the swords and fell on the ground and started writhing in pain. Many brave demons tore the ribs of the monkeys.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)