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ramayan 6.58.13: बहुत से योद्धा बेदम होकर भूमि पर गिर पड़े और बहुत से हृदयों को छेदने वाले बाणों के निशाने बन गए॥13॥   |   ramayan सर्ग 6.58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 58: नील के द्वारा प्रहस्त का वध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  6.58.13 
निरुच्छ्वासा: पुन: केचित् पतिता जगतीतले।
विभिन्नहृदया: केचिदिषुसंधानसाधिता:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
बहुत से योद्धा बेदम होकर भूमि पर गिर पड़े और बहुत से हृदयों को छेदने वाले बाणों के निशाने बन गए॥13॥
 
Many warriors fell to the ground breathless and many became the targets of arrows which pierced their hearts.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)