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श्लोक  6.57.40 
प्रहस्तं तं हि निर्यान्तं प्रख्यातगुणपौरुषम्।
युधि नानाप्रहरणा कपिसेनाभ्यवर्तत॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
जैसे ही प्रहस्त, जिनके गुण और पराक्रम विख्यात थे, युद्धभूमि में आये, वैसे ही शिला, वृक्ष आदि नाना प्रकार के आक्रमणकारी अस्त्रों से सुसज्जित वानर सेना उनका सामना करने के लिए आ पहुँची।
 
As soon as Prahasta, whose virtues and valour were renowned, appeared on the battlefield, the monkey army equipped with various types of attacking weapons like rocks, trees etc. came to confront him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)