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ramayan 6.57.31: प्रहस्त की वह विशाल सेना हाथियों के समूह के समान अत्यंत डरावनी लग रही थी। उसकी युद्ध-रचना तैयार हो चुकी थी। उस युद्ध-रचना के साथ प्रहस्त लंका के पूर्वी द्वार से बाहर निकले।   |   ramayan सर्ग 6.57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.57.31 
व्यूढेनैव सुघोरेण पूर्वद्वारात् स निर्ययौ।
गजयूथनिकाशेन बलेन महता वृत:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
प्रहस्त की वह विशाल सेना हाथियों के समूह के समान अत्यंत डरावनी लग रही थी। उसकी युद्ध-रचना तैयार हो चुकी थी। उस युद्ध-रचना के साथ प्रहस्त लंका के पूर्वी द्वार से बाहर निकले।
 
That huge army of Prahastha looked very scary like a group of elephants. Its battle formation had been done. Along with that battle formation Prahastha came out of the eastern gate of Lanka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)