श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 57: प्रहस्त का रावण की आज्ञा से विशाल सेना सहित युद्ध के लिये प्रस्थान  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  6.57.23-24h 
सधनुष्का: कवचिनो वेगादाप्लुत्य राक्षसा:॥ २३॥
रावणं प्रेक्ष्य राजानं प्रहस्तं पर्यवारयन्।
 
 
अनुवाद
राक्षसगण धनुष और कवच धारण करके बड़े वेग से आगे बढ़े और राजा रावण को देखकर प्रहस्त को चारों ओर से घेरकर खड़े हो गए॥23 1/2॥
 
The demons, wearing bows and armour, leapt forward with great speed and upon seeing King Ravana, stood surrounding Prahasta from all sides.॥ 23 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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