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ramayan 6.56.38: जैसे भगवान विष्णु ने शत्रु महाबली, भयंकर एवं महान् राक्षस मधुकैटभ आदि का वध करके वीर सुन्दरी (विजयलक्ष्मी) को धारण किया था, उसी प्रकार महाबली वानर हनुमान्‌जी ने राक्षसों के पास पहुँचकर उनका वध करके वीर सुन्दरी को धारण किया था॥38॥   |   ramayan सर्ग 6.56: हनुमान जी के द्वारा अकम्पन का वध   ।   ramayan काण्ड 6: युद्ध काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 6: युद्ध काण्ड  »  सर्ग 56: हनुमान जी के द्वारा अकम्पन का वध  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  6.56.38 
स वीरशोभामभजन्महाकपि:
समेत्य रक्षांसि निहत्य मारुति:।
महासुरं भीमममित्रनाशनं
विष्णुर्यथैवोरुबलं चमूमुखे॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
जैसे भगवान विष्णु ने शत्रु महाबली, भयंकर एवं महान् राक्षस मधुकैटभ आदि का वध करके वीर सुन्दरी (विजयलक्ष्मी) को धारण किया था, उसी प्रकार महाबली वानर हनुमान्‌जी ने राक्षसों के पास पहुँचकर उनका वध करके वीर सुन्दरी को धारण किया था॥38॥
 
Just as Lord Vishnu had adopted the heroic beauty (Vijayalakshmi) by killing the enemy, Mahabali, the fierce and great demon Madhukatbha etc., in the same way the great monkey Hanuman, after reaching the demons and killing them, assumed the heroic beauty. 38॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)